ब्रेकिंग न्यूज़

3 लोगों की हत्या के बाद बिगड़े हालात, मणिपुर में फिर सुलगी हिंसा की आग

3 लोगों की हत्या के बाद बिगड़े हालात, मणिपुर में फिर सुलगी हिंसा की आग

3 लोगों की हत्या के बाद बिगड़े हालात, मणिपुर में फिर सुलगी हिंसा की आग

Share Post

देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा थमती नहीं दिख रही है।

पिछले कई महीनों से हिंसा की चपेट में मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की आग जल उठी है। बिष्णुपुर में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई, जिसमें मैतेई समुदाय के तीन लोगों की हत्या कर दी गई है। उपद्रवियों ने कई घरों को आगे के हवाले कर दिया। यह घटना शुक्रवार देर रात की है।

रिपोर्ट्स के अनुसार गुरुवार को इंफाल पश्चिम में हुई हिंसा में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी। राज्य में पिछले 24 घंटों में गोलीबारी और अनियंत्रित भीड़ की छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं। हिंसा के बीच राज्य सरकार ने राज्यपाल से 21 अगस्त को विधानसभा सत्र बुलाने का आग्रह किया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ लोग बफर जोन को क्रॉस करते हुए मैतेई इलाकों में घुस आए।

इसके बाद उन्होंने मैतेई इलाकों में फायरिंग की। बिष्णुपुर जिले के क्वाक्टा इलाके से दो किमी से आगे तक केंद्रीय बलों ने बफर जोन बनाया है। बिष्णुपुर पुलिस के मुताबिक, 3 मैतेई लोगों की हत्या के बाद इलाके में तनाव बन गया है। कुछ लोगों ने कुकी समुदाय के भी घरों में आग लगाई है।

इंफाल में पुलिस अधिकारी की हत्या, हथियार और गोला-बारूद लूटे

खबरों के अनुसार, गुरुवार को इंफाल पश्चिम में हुई हिंसा में एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई। बताया जा रहा है कि बिष्णुपुर जिले में भीड़ ने गुरुवार को करीब दो सुरक्षा चौकियों पर तोड़फोड़ की। इस दौरान स्वचालित बंदूकों सहित हथियार और गोला-बारूद लूट लिए गए।

आपको बता दें कि अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद पहली बार 3 मई को झड़पें हुई थीं। मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। जनजातीय नागा और कुकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं

पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं। राज्य में शांति बहाल करने के लिए करीब 10,000 सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है। आपको बता दें कि अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद पहली बार 3 मई को झड़पें हुई थीं।

मेइती समुदाय मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। जनजातीय नागा और कुकी जनसंख्या का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में निवास करते हैं। राज्य में शांति बहाल करने के लिए करीब 10,000 सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है।

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. www.thehindustankhabar.com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

द हिंदुस्तान खबर डॉट कॉम


Share Post

Read Previous

नोएडा हादसे की दर्दनाक कहानी, 8वें फ्लोर से चढ़ी थी महिला और 24वीं मंजिल से गिरी लिफ्ट

Read Next

कल रात से दिल्ली-एनसीआर में जोरदार बारिश से मौसम हुआ ठंडा

Leave a Reply

Most Popular