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बालासोर जैसे रेल हादसे को न्योता? रेलवे की इस मशीन में गड़बड़ी, बगैर ट्रेन गुजरे ही भेज दे रहा सिग्नल

बालासोर जैसे रेल हादसे को न्योता? रेलवे की इस मशीन में गड़बड़ी, बगैर ट्रेन गुजरे ही भेज दे रहा सिग्नल

बालासोर जैसे रेल हादसे को न्योता? रेलवे की इस मशीन में गड़बड़ी, बगैर ट्रेन गुजरे ही भेज दे रहा सिग्नल

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अभी बालासोर रेल हादसे का जख्म भरा भी नहीं है, फिर भी रेलवे की लापरवाहियों पर लगाम नहीं हैं.

रेलवे ट्रैकों पर ट्रेनों की आवाजाही पर नजर रखने वाली मशीनों में बड़ा फॉल्ट सामने आया है. बालासोर हादसे के बाद से यह कोशिश की जा रही है कि ऐसी दुर्घटना फिर से न हो, मगर गड़बड़ियां अब भी दिख रही हैं. दरअसल, रेलवे की कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं. रेलवे ट्रैक पर ट्रैफिक का पता लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक सेंसर मशीन में खराबी पाई गई है.

अधिकारियों ने इसका परीक्षण कर यह जानकारी दी कि इसमें खराबी है, जिससे बालासोर जैसा हादसा भी हो सकता था. मशीन ‘बार-बार’ ट्रेन की आवाजाही का पता लगाने में विफल रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस मशीन से ट्रेन की आवाजाही का पता लगाने की उम्मीद की जाती है, वह बार-बार ऐसा करने में विफल रही है.

इसमें आगे कहा गया है कि मशीन में लगा सेंसर कभी-कभी हरकत का पता लगाता है और कभी तो बिल्कुल नहीं. कुल मिलाकर बात यह है कि ट्रेनों के गुजरने का कोई अता-पता भी नहीं होता और यह मशीन सिग्नल भेज देती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सिस्टम इतना ख़राब है कि अगर यह किसी धातु के संपर्क में आता है तो सिग्नल भेजता है.

यह भी देखा गया है कि कभी-कभी ट्रॉली के दो पहिये गुजर जाते हैं

लेकिन सिस्टम केवल एक का ही पता लगाता है.रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाईजेशन (आरडीएसओ) की पूर्वी इकाई के इंजीनियरों ने भी संगठन को लिखे पत्रों में इन मुद्दों पर चिंता जताई है. इंजीनियरों ने अपनी शिकायत में लिखा, “इस तरह की खराबी से गलत सूचना फैल जाएगी जो स्टेशन मास्टर को गलत ऑपरेशन करने के लिए गुमराह कर सकती है,

जिससे बालासोर जैसी घटना हो सकती है, जिससे मानव जीवन की हानि हो सकती है. एमएसडीएसी क्या है? मल्टी सेक्शन एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) एक प्रणाली है, जिसका उपयोग रेलवे सिग्नलिंग में दो बिंदुओं के बीच ट्रैक के एक खंड की स्पष्ट या कब्जे वाली स्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है.

सिस्टम में आम तौर पर एक व्हील सेंसर (सेक्शन के प्रत्येक छोर के लिए एक) और सेक्शन के अंदर और बाहर ट्रेन के एक्सल की गिनती के लिए एक मूल्यांकन इकाई होती है. यह मूल रूप से स्टेशन मास्टर को बताता है कि ट्रैक ट्रेन की आवाजाही के लिए खाली है या नहीं.

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