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कोरोना का पॉजिटिव इफेक्ट, प्रदेश में संवर गए कई खंडहरनुमा अस्पताल

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कोरोना का पॉजिटिव इफेक्ट, प्रदेश में संवर गए कई खंडहरनुमा अस्पताल

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रायपुर. भले ही कोरोना महामारी ने सारी व्यवस्था को बुरी कदर प्रभावित कर दिया, मगर इसकी वजह से प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी भी हुई,

जिसका फायदा भविष्य में दूसरी बीमारियों के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने लाखों रुपए खर्च कर इन स्वास्थ्य संस्थाओं में तमाम संसाधन जुटाए थे, जिससे खंडहरनुमा हो चुके अस्पताल भी संवर गए।

कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए कई स्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प कर उन्हें डेडिकेटेड अस्पताल का रूप दिया गया। कोरोना की दस्तक के पहले रायपुर जिले में ही कई अस्पताल ऐसे थे, जहां मरीजों को केवल सर्दी-बुखार जैसी बीमारी के इलाज की सुविधा मिलती थी।

गंभीर मरीजों को बड़ी बीमारी का इलाज कराने के लिए मेडिकल काॅलेज अथवा जिला अस्पताल का रुख करना पड़ता था। पिछले साल वैश्विक महामारी कोरोना ने प्रदेश को अपनी चपेट में लेना शुरू किया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

भले ही कोरोना महामारी ने सारी व्यवस्था को बुरी कदर प्रभावित कर दिया

तब आपातकाल जैसी स्थिति मानते हुए आनन-फानन कई अस्पतालों को इस लायक बनाया गया कि वहां कोरोना के गंभीर मरीजों को इलाज की सुविधा दी सके। ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में न केवल बिस्तरों का इंतजाम किया गया, बल्कि वहां आक्सीजन की सुविधा भी जुटाई गई,

ताकि मरीजों को परेशानी न उठानी पड़े। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना काबू में है, इसके इलाज के लिए विभिन्न स्थानों पर किए गए व्यापक इंतजामों को वापस समेटा जा रहा है। कोविड रिलीफ सेंटर बंद कर दिए गए हैं। वर्तमान में आने वाले मरीजों के लिए एक-दो अस्पतालों में इंतजाम किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना कि जब कोविड संक्रमण की आशंका खत्म हो जाएगी तो अस्पतालों में जुटाई गईं सुविधाएं दूसरे मरीजों के ही उपयोग में आएगी। सिविल अस्पताल चकाचक माना में सिविल अस्पताल के लिए करीब एक करोड़ की लागत से भवन का निर्माण किया गया था,

मगर भूतल में भी ओपीडी संचालित होती थी और ऊपर की दो मंजिलों पर गंदगी का आलम था। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड के मरीजों के लिए यहां पूरी क्षमता यानी सौ बिस्तरों की व्यवस्था की, मरीजों के लिए एचडीयू और आईसीयू बेड का इंतजाम किया।

लाखों रुपए खर्च कर यहां कई तरह के संसाधन जुटाए गए हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल में भी सुविधा स्वास्थ्य विभाग ने आयुर्वेदिक अस्पताल को भी कोरोना के हिसाब से तैयार किया था। गंभीर मरीजों के लिए यहां बड़ी संख्या में बिस्तरों के साथ आक्सीजन का इंतजाम किया गया।

यहां अब कोरोना संक्रमित नहीं हैं, मगर आपातकाल के लिए इसे विकल्प के रूप में रखा गया है। माना जा रहा है कि इस इंतजाम का उपयोग भविष्य में आयुर्वेदिक अस्पताल के मरीजों के लिए किया जा सकेगा।

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